मुझसे बिछड़कर उनको गुरुर हो गया,
ख़्वाबों में बनाये थे ताज महल ,वो चकना-चूर हो गया,
अगर उनसे हम दूर है तो क्या हुआ ?
प्यार कल भी था, प्यार आज भी है।
दिल में आने की एक आस लगी है ,जैसे समंदर को प्यास लगी है,
धड़कने चलती है, साँसे भी तेरी माला जपती है
खुद पे हो रहा नहीं ज़ोर मेरा,
दिल ये बेईमान कल भी था, दिल ये बेईमान आज भी है।
-----भूषण ------
ख़्वाबों में बनाये थे ताज महल ,वो चकना-चूर हो गया,
अगर उनसे हम दूर है तो क्या हुआ ?
प्यार कल भी था, प्यार आज भी है।
दिल में आने की एक आस लगी है ,जैसे समंदर को प्यास लगी है,
धड़कने चलती है, साँसे भी तेरी माला जपती है
खुद पे हो रहा नहीं ज़ोर मेरा,
दिल ये बेईमान कल भी था, दिल ये बेईमान आज भी है।
-----भूषण ------
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